
इस चुनाव में नीतीश के नेतृत्व वाली जद यू-भाजपा गठबंधन को 84.77 प्रतिशत सीटें प्राप्त हुई है जबकि डा. श्रीकृष्ण सिंह को 1951 के चुनाव में 86.59 प्रतिशत सीटें प्राप्त हुई थी. हालांकि झारखंड बनने के बाद बिहार के चुनाव में यह रिकार्ड है और इसने 1995 के चुनाव में ‘बक्से से निकलने वाले जिन्न’ को पीछे छोड़ दिया है.
बिहार विधानसभा चुनाव के इतिहास में यह तीसरा मौका है जब किसी पार्टी या गठबंधन को तीन चौथाई सीट हासिल हुई हो . बिहार में नीतीश की अगुवाई वाले गठबंधन को तीन चौथाई बहुमत प्राप्त हो गया है और इतने भारी बहुमत से सत्ता हासिल करने वाले वह कांग्रेस के डा. श्रीकृष्ण सिंह के बाद दूसरे नेता बन गए हैं.
इससे पहले, वर्ष 1951 और 1957 में डा. श्रीकृष्ण सिंह की अगुवाई वाली कांग्रेस को तीन चौथाई बहुमत मिला था. वर्ष 1951 में कांग्रेस को 86.59 प्रतिशत सीटें मिली थी जबकि 1957 में उन्हें 79.54 प्रतिशत सीटें मिली थी. इस चुनाव में भाजपा जदयू गठबंधन को 80 प्रतिशत से अधिक सीटें प्राप्त हुई है.
साल 1951 में 276 सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस को 239 सीटें प्राप्त हुई थी जबकि साल 1957 में बिहार विधानसभा के लिए 264 सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस को 210 सीटें मिली थी.
आपातकाल और जेपी आंदोलन के बाद 1977 में जनसंघ समेत विपक्षी दलों ने जनता पार्टी के बैनर तले चुनाव लड़ा था. इस चुनाव में जनता पार्टी और उसके गठबंधन को 66.04 प्रतिशत सीटें प्राप्त हुई थी. प्रदेश में 324 सदस्यीय विधानसभा में हुए चुनाव में जनता पार्टी गठबंधन को 214 सीटें मिली थी और कर्पूरी ठाकुर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे. इस चुनाव में कांग्रेस को 57 सीटें प्राप्त हुई थी. साल 1962 के चुनाव में 318 सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस को 185 सीटें प्राप्त हुई थी जबकि प्रजातांत्रित समाजवादी पार्टी को 29 सीटें मिलीं थी . 1967 में 318 सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस को 40.25 प्रतिशत सीटें मिली थी. इस चुनाव में कांग्रेस को 128 सीटें प्राप्त हुई थी जबकि संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी को 68 सीटें मिली थी.
साल 1969 के चुनाव में 318 सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस को 37.10 प्रतिशत सीटें प्राप्त हुई थी. कांग्रेस ने 118 सीटें प्राप्त की थी जबकि संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी को 52 तथा भारतीय जनसंघ को 34 सीटें मिली थी. 1972 के चुनाव में 318 सीटों पर हुए मतदान में कांग्रेस को 52.51 प्रतिशत सीटें प्राप्त हुई थी. कांग्रेस को इस चुनाव में 167 सीटें मिली थी जबकि भाकपा को 35 सीटें और भारतीय जनसंघ को 25 सीटें प्राप्त हुई थी.
साल 1980 के चुनाव में 324 सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस (इंदिरा) को 52.16 प्रतिश्शत सीटें प्राप्त हुई थी. कांग्रेस (इंदिरा) को 169 सीटें मिली थी जबकि भाजपा को 21, जनता पार्टी सोशलिस्ट को 42 तथा भाकपा को 23 सीटें मिली थी. 1985 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में 324 सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस को 60.49 प्रतिशत सीटें मिली थी. कांग्रेस को 196 सीटें प्राप्त हुई थी जबकि भाजपा को 16 तथा भाकपा को 12 सीटें मिली थी.
साल 1990 में 324 सीटों पर हुए चुनाव में जनता दल सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी और उसे 37. 65 प्रतिशत सीटें प्राप्त हुई थी. इस चुनाव में जनता दल को 122 सीटें, कांग्रेस को 71, भाजपा को 39 तथा भाकपा को 23 सीटें मिली थी. 1995 में प्रदेश में 342 सीटों पर हुए चुनाव में जनता दल को 51.54 प्रतिशत सीटें प्राप्त हुई थी. जनता दल ने इस चुनाव में 167 सीटें प्राप्त की थी जबकि भाजपा को 41, कांग्रेस को 29, भाकपा को 26 तथा भाकपा को छह सीटें मिली थी.
साल 2000 में 324 सीटों के लिए हुए चुनाव में लालू प्रसाद के राजद को 38.27 प्रतिशत सीटें प्राप्त हुई थी. राजद ने 124 सीटें प्राप्त की थी जबकि भाजपा को 67 सीटें, जद यू को 21 सीटें, कांग्रेस को 23, भाकपा को पांच तथा माकपा को दो सीटें मिली थी. फरवरी 2005 में 243 सीटों पर हुए चुनाव में त्रिशंकू विधानसभा का चित्र उभरा था. इस चुनाव में राजद को 75 सीटें, जद यू को 55 सीटें, भाजपा को 37 सीटें, कांग्रेस को 10 सीटें, भाकपा को तीन, भाकपा को एक तथा भाकपा माले को सात सीटें प्राप्त हुई थी.
साल 2005 के अक्तूबर..नवम्बर को हुए चुनाव में जद यू गठबंधन सरकार बनी थी. इस बार जद यू को 88 सीटें और भाजपा को 55 सीटें प्राप्त हुई थी. इस चुनाव में लालू प्रसाद की राजद को 54 तथा रामविलास पासवान की लोजपा को 10 सीटें प्राप्त हुई थी. चुनाव में कांग्रेस को नौ, भाकपा को तीन, माकपा को एक सीट तथा भाकपा माले को पांच सीटें प्राप्त हुई थी.
2 comments:
I felled great morning on 25th november. It is real birth of biharis to develop the state in hand of MR. NITISH KUMAR.
November 25, 2010 at 9:21 AMLive Long Biharis Pride - NITISHJI
It was Laloo's fifteen year tenure, which migrated to us in DELHI to work as IT professional in private organisation. Now i have eager willingness to work and live at my birth place BIHAR(NALANDA). I didn't vote you, but our relative have voted you, at my inspiration.
November 25, 2010 at 9:32 AMPost a Comment